दोहरी मूविंग एवरेज रिवर्सल ट्रेडिंग रणनीति
अवलोकन
डबल मूविंग एवरेज रिवर्सल ट्रेडिंग रणनीति बोलिंगर बैंड रिवर्सल ट्रेडिंग रणनीति और डबल एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज ट्रेडिंग रणनीति को मिलाकर एक संयुक्त सिग्नल निर्णय आधारित ट्रेडिंग रणनीति तैयार करती है। इसका उपयोग स्टॉक, विदेशी मुद्रा, क्रिप्टोकरेंसी आदि बाजारों में किया जा सकता है।
रणनीति का सिद्धांत
यह रणनीति दो भागों से बनी है:
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बोलिंगर बैंड रिवर्सल ट्रेडिंग रणनीति
बोलिंगर बैंड संकेतक की दो रेखाओं - %K रेखा और %D रेखा का उपयोग करती है। जब क्लोजिंग मूल्य लगातार दो दिन पिछले दिन से कम होता है, और %K रेखा %D रेखा से ऊपर होती है, तो लॉन्ग (खरीद) पोजीशन ली जाती है; जब क्लोजिंग मूल्य लगातार दो दिन पिछले दिन से अधिक होता है, और %K रेखा %D रेखा से नीचे होती है, तो शॉर्ट (बिक्री) पोजीशन ली जाती है।
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डबल एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज रणनीति
20-दिवसीय और 20*2-दिवसीय डबल एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज की गणना की जाती है। जब मूल्य ऊपर से नीचे या नीचे से ऊपर डबल एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज को पार करता है, तो ट्रेडिंग सिग्नल उत्पन्न होता है।
संयुक्त सिग्नल निर्णय नियम: जब दोनों रणनीतियों के ट्रेडिंग सिग्नल एक समान होते हैं, तो वास्तविक ट्रेडिंग सिग्नल उत्पन्न होता है।
लाभ विश्लेषण
इस संयुक्त रणनीति का सबसे बड़ा लाभ इसकी उच्च विश्वसनीयता और बहुत कम झूठे सिग्नल हैं। क्योंकि इसे दो अलग-अलग प्रकार की रणनीतियों के सिग्नल एक साथ ट्रिगर होने की आवश्यकता होती है, यह एकल रणनीति में होने वाले कुछ गलत सिग्नलों को फ़िल्टर कर देती है।
इसके अलावा, रिवर्सल रणनीति और ट्रेंड रणनीति के संयोजन के कारण, यह अंतर्निहित सुरक्षा की कीमत में अल्पकालिक रिवर्सल और मध्यम अवधि के ट्रेंड को पकड़ सकती है।
जोखिम विश्लेषण
इस रणनीति का मुख्य जोखिम यह है कि जब बाजार लंबे समय तक साइडवेज़ समायोजन में रहता है, तो दोनों रणनीतियाँ एक समान सिग्नल उत्पन्न नहीं कर पाती हैं, जिससे अप्रभावी बाजार स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसी स्थिति में, व्यापारी को स्पष्ट ट्रेंड बनने तक इस रणनीति का उपयोग रोकना होगा।
इसके अलावा, डबल एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज मध्यम से दीर्घकालिक संकेतक होने के कारण, जब अल्पकालिक तीव्र रिवर्सल होता है, तो यह विफल हो सकता है। इसके लिए व्यापारी को बाजार की दिशा निर्धारित करने के लिए और अधिक संकेतकों का उपयोग करना होगा।
अनुकूलन दिशाएँ
इस रणनीति को निम्नलिखित पहलुओं से अनुकूलित किया जा सकता है:
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अधिक पैरामीटर जोड़ना, जैसे स्टॉप-लॉस पॉइंट, ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस रेंज आदि, ताकि रणनीति अधिक नियंत्रणीय हो।
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अधिक संकेतक जोड़ना, जिससे बहु-स्तरीय फ़िल्टरिंग की स्थिति बने और अधिक शोर वाले ट्रेडों को हटाया जा सके। उदाहरण के लिए, MACD, KD जैसे अन्य संकेतकों को शामिल करना।
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संकेतक पैरामीटरों का अनुकूलन, जैसे बोलिंगर बैंड की अवधि, मूविंग एवरेज की अवधि आदि को समायोजित करके सर्वोत्तम पैरामीटर संयोजन ढूंढना।
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विभिन्न वित्तीय साधनों (स्टॉक, विदेशी मुद्रा, क्रिप्टोकरेंसी आदि) में इस रणनीति के प्रभाव का अलग-अलग परीक्षण करना और सबसे उपयुक्त साधन का चयन करना।
सारांश
डबल मूविंग एवरेज रिवर्सल रणनीति रिवर्सल रणनीति और ट्रेंड रणनीति के संयोजन से अपेक्षाकृत विश्वसनीय संयुक्त ट्रेडिंग सिग्नल बनाती है। यह उन व्यापारियों के लिए उपयुक्त है जो सुरक्षा मूल्य के अल्पकालिक रिवर्सल और मध्यम अवधि के ट्रेंड दोनों में रुचि रखते हैं। हालांकि, लंबे समय तक साइडवेज़ चलने वाले बाजार में इस रणनीति के विफल होने की संभावना पर ध्यान देना होगा। पैरामीटर अनुकूलन और अधिक संकेतकों को शामिल करके इस रणनीति की व्यावहारिकता को और बढ़ाया जा सकता है।
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