मूल्य आयतन परिवर्तन पर आधारित प्रवृत्ति रणनीति
अवलोकन
इस रणनीति का नाम "मूल्य और मात्रा में परिवर्तन पर आधारित ट्रेंड रणनीति" है। यह रणनीति मूल्य और ट्रेडिंग वॉल्यूम के संचयी परिवर्तन की गणना करके, मूविंग एवरेज के साथ मिलकर लॉन्ग और शॉर्ट पोजीशन बनाती है, जिससे ट्रेंड को ट्रैक करने का उद्देश्य पूरा होता है।
रणनीति का सिद्धांत
इस रणनीति का मुख्य संकेतक मूल्य-मात्रा संचयी परिवर्तन सूचक (MPVT) है। यह सूचक मूल्य और ट्रेडिंग वॉल्यूम में परिवर्तन के माध्यम से बाजार की भावना और धन के प्रवाह को दर्शाता है। इसकी गणना का सूत्र इस प्रकार है:
rV = ट्रेडिंग वॉल्यूम / 50000
xCumPVT = कल का xCumPVT + (rV * (नवीनतम समापन मूल्य - कल का समापन मूल्य) / कल का समापन मूल्य)
इसके बाद पैरामीटर Level और Scale को जोड़कर मूल्य-मात्रा परिवर्तन Residence संकेतक बनाया जाता है:
nRes = Level + Scale * xCumPVT
Residence संकेतक मूल्य और ट्रेडिंग वॉल्यूम के संयुक्त परिवर्तन को दर्शाता है। जब यह अपने N-दिवसीय सरल मूविंग एवरेज को ऊपर से पार करता है, तो लॉन्ग पोजीशन ली जाती है; जब यह अपने N-दिवसीय सरल मूविंग एवरेज को नीचे से पार करता है, तो शॉर्ट पोजीशन ली जाती है।
लाभ विश्लेषण
इस रणनीति के मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:
- मूल्य-मात्रा संकेतक के माध्यम से बाजार की भावना और धन के प्रवाह का आकलन करके, यह ट्रेंड में बदलाव के बिंदुओं को समय पर पकड़ सकता है।
- पैरामीटर अनुकूलन के साथ, रणनीति के पैरामीटर को विभिन्न बाजार परिस्थितियों के अनुकूल लचीले ढंग से समायोजित किया जा सकता है।
- पैरामीटर को उलट कर इनपुट करके, शॉर्ट रणनीति को लागू किया जा सकता है, जिससे रणनीति के उपयोग के दायरे का विस्तार होता है।
जोखिम विश्लेषण
इस रणनीति में कुछ जोखिम भी हैं:
- मूल्य-मात्रा संकेतक गलत संकेत उत्पन्न कर सकता है, और ब्रेकआउट स्थापित नहीं होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। पैरामीटर को उचित रूप से समायोजित किया जा सकता है या अन्य संकेतकों के साथ फ़िल्टर किया जा सकता है।
- यह रणनीति ट्रेंडिंग बाजारों के लिए अधिक उपयुक्त है, जबकि रेंज-बाउंड बाजारों में गलत संकेत उत्पन्न हो सकते हैं। ट्रेंड और वोलैटिलिटी संकेतकों के साथ संयोजन पर विचार किया जा सकता है।
- पैरामीटर अनुकूलन का प्रभाव ऐतिहासिक चक्र पर निर्भर करता है, जिससे ओवरफिटिंग का जोखिम हो सकता है। पैरामीटर को उचित रूप से समायोजित किया जाना चाहिए या स्टेपवाइज ऑप्टिमाइज़ेशन विधि अपनाई जानी चाहिए।
अनुकूलन दिशा-निर्देश
इस रणनीति को निम्नलिखित पहलुओं से अनुकूलित किया जा सकता है:
-
विभिन्न मूविंग एवरेज जैसे भारित मूविंग एवरेज, EMA आदि के संयोजन का परीक्षण किया जा सकता है, ताकि यह देखा जा सके कि कौन सा बेहतर काम करता है।
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RSI, KD जैसे अन्य संकेतकों के साथ संकेतों को फ़िल्टर करने के लिए जोड़ा जा सकता है, जिससे गलत संकेतों की संभावना कम हो सकती है।
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विभिन्न पैरामीटर संयोजनों का परीक्षण किया जा सकता है, ताकि सर्वोत्तम पैरामीटर युग्म खोजा जा सके। स्टेपवाइज ऑप्टिमाइज़ेशन विधि का उपयोग करके पैरामीटर को वास्तविक समय में अपडेट भी किया जा सकता है।
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बोलिंगर बैंड जैसे ट्रेंड-आधारित संकेतकों के साथ संयोजन करके रणनीति की स्थिरता में सुधार किया जा सकता है।
सारांश
यह रणनीति मूल्य और ट्रेडिंग वॉल्यूम में परिवर्तन के संचयी मान की गणना करके, मूल्य-मात्रा परिवर्तन Residence संकेतक डिज़ाइन करती है, जो बाजार में धन के प्रवाह को प्रभावी ढंग से दर्शा सकता है। यह एक विशिष्ट मूल्य-मात्रा COMBO रणनीति है। यह रणनीति सरल और व्यावहारिक है, ट्रेंडिंग बाजारों के लिए उपयुक्त है, और पैरामीटर अनुकूलन और संकेतक संयोजन के माध्यम से अनुकूलन की काफी गुंजाइश है। यह एक अत्यधिक अनुशंसित ट्रेंड रणनीति है।
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